नौ महीने की गर्भावस्था से गुज़रकर एक माँ महसूस करती है कि इतने दर्द और बेचैनी से पैदा हुआ वह बच्चा उसका है।
गर्भावस्था स्त्री-स्वातंत्रय की क्रूर वैरी है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere