व्यक्तिगत स्वतंत्रता बड़ी अच्छी चीज़ है, बड़ी अच्छी और अत्यंत ऊँची; परंतु राष्ट्र की स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए उसे संकुचित कर देना एक ऐसा त्याग है, जिसकी समता नहीं हो सकती, जो सब त्यागों में श्रेष्ठ है।
व्यक्तिवाद ने छायावादी कवि में यदि एक और वैयक्तिक अभिव्यक्ति की आकांक्षा उत्पन्न की, तो दूसरी ओर संपूर्ण दृष्टिकोण को व्यक्तिनिष्ठ बना दिया।
जिस समाज में प्रत्येक व्यक्ति का महत्त्व होता है, उस समाज में कथा-साहित्य फलता-फूलता है।
छायावाद व्यक्तिवाद की कविता है, जिसका आरंभ व्यक्ति के महत्व को स्वीकार करने और करवाने से हुआ, किंतु पर्यवसान संसार और व्यक्ति की स्थायी शत्रुता में हुआ।
प्रत्येक व्यक्ति को कुलीनता और अकुलीनता के भाव को अलग रखकर, अपनी उन्नति का पूरा अवसर मिलना चाहिए। किसी राजा का कुलीन का स्वार्थ, किसी की उन्नति का बाधक न हो।
प्रयोगशीलता 'व्यक्तिगत अन्वेषण' की वस्तु है।
जीवन और प्रेम का विकसित क्रम द्वैत नहीं अद्वैत है
इंग्लैंड वैयक्तिकता, सनक, अनधिकृतमत असंगतियों, शौक़ों और मज़ाक़ों का स्वर्ग है।
इंडिविजुअल ह्यूमन बीइंग्स—जिस पर यूरोप को गर्व है कि उनकी देन है—मैं कहना चाहता हूँ कि भारत में वह भक्ति की देन है। वह अंग्रेजों का तोहफ़ा नहीं है।
व्यक्ति वह नहीं है; जो ऐसा है कि उस जैसा और संसार में कोई है ही नहीं—व्यक्ति एक प्रतिनिधि है ।
भारत पार्थक्य को विरोध नहीं समझता, परकीय को शत्रु नहीं समझता, बिना किसी का विनाश किए, एक बृहत् व्यवस्था में सभी को स्थान देना चाहता है।
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jis ke hote hue hote the zamāne mere