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दिल पर गीत

कवियों-शाइरों के घर

दिल या हृदय एक प्रिय शब्द की तरह विचरता है, जहाँ दिल की बातें और दिल के बारे में बातें उनकी कविताई में दर्ज होती रहती हैं। यह चयन दिल पर ज़ोर रखती ऐसी ही कविताओं में से किया गया है।

आया जिया को चैन

अन्नू रिज़वी

आज हृदय स्वच्छंद नहीं है

हरिवंशराय बच्चन

है कहाँ? वह चंद्रिका

ज्ञानवती सक्सेना

साँझ झुकती आ रही है

ज्ञानवती सक्सेना

घर हमारा है

मनोज जैन

सोई हो कैसी निद्रा

ज्ञानवती सक्सेना

दफ़तन

प्रसून जोशी

हृदय का सौंदर्य

जयशंकर प्रसाद

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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