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त्योहार पर कविताएँ

शुभकामनाएँ

मिं: तु वुं

जल उत्सव

आचार्य ज़ौजी

उत्सव

अय्यप्प पणिक्कर

होली

मधुर अथैया

उत्सव से बाहर

मिथिलेश श्रीवास्तव

तब ईद सोहाय न होली पिया

परवाना प्रतापगढ़ी

मनभोली अवधी

मोहनलाल यादव

दँउरी दावन

मनोज मिश्र ‘कप्तान'

जमींदारी ठाठु

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

समझा फागुन आ

मोहनलाल यादव

मारो न मोहें पिचकारी

मनोज मिश्र ‘कप्तान'

अस प्रीत सुधा बरसावा करा

परवाना प्रतापगढ़ी

होरी आइ गई रे!

सत्यधर शुक्ल

मिथिला माहात्म्य

बुद्धिनाथ झा

गरीब की द्यवारी

सत्यधर शुक्ल

छठि

ज्योत्स्ना चन्द्रम्

छोड़ाये न छूटै कबौ रँगना

परवाना प्रतापगढ़ी

गाल गुलाल से लाल भयो है

परवाना प्रतापगढ़ी

सतकार करै क जोहारत फागुन

परवाना प्रतापगढ़ी

ईद के दिन

राजेश सकलानी

मिट्टी के दिए

सारिका श्रीवास्तव

अनँग की तापे कटार चली है

परवाना प्रतापगढ़ी

लाखों की मुस्कान

सारिका सिंह

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere