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आँख पर बेला

आँखें पाँच ज्ञानेंद्रियों

में से एक हैं। दृश्य में संसार व्याप्त है। इस विपुल व्याप्ति में अपने विविध पर्यायों—लोचन, अक्षि, नैन, अम्बक, नयन, नेत्र, चक्षु, दृग, विलोचन, दृष्टि, अक्षि, दीदा, चख और अपने कृत्यों की अदाओं-अदावतों के साथ आँखें हर युग में कवियों को अपनी ओर आकर्षित करती रही हैं। नज़र, निगाह और दृष्टि के अभिप्राय में उनकी व्याप्ति और विराट हो उठती है।

19 सितम्बर 2026

कहानी : नीली

कहानी : नीली

पेपर ख़त्म होने के बाद मैं और मेरा दोस्त अपने हॉस्टल की ओर बढ़ रहे थे। पेपर के लिए जाते वक़्त सब कुछ अपनी व्यवस्थित स्थिति में क्रम से चल रहा था। लेकिन यह क्या, इतनी अफ़रा-तफ़री क्यों? लोग भाग-दौड़ क

29 अप्रैल 2026

इरफ़ान ख़ान : एक अभिनेता नहीं, एक संभावना

इरफ़ान ख़ान : एक अभिनेता नहीं, एक संभावना

हिंदी सिनेमा में अभिनय की जो परंपरा नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी, पंकज कपूर और रघुवीर यादव जैसे कलाकारों के माध्यम से तथाकथित मुख्यधारा में विकसित होती है, उसे इरफ़ान ख़ान ने नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। इरफ़