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रिक्तता पर कविताएँ

कुछ होकर भी न होने के

अभावभाव को प्रकट करती रचनाओं से एक चयन।

घेरा

यानिस रित्सोस

अकेली रात

ज़ेवियर विलोरूशिया

शालीनता में खोया

येहूदा आमिखाई

नरकदंड

यानोश पिलिंस्की

एक संज्ञान सिद्धांत का मॉडल

हंस माग्नुस एन्त्सेंसबर्गर

बंद हैं दरवाज़े

येहूदा आमिखाई

बियर के ख़ाली डिब्बों की तरह

अर्नेस्तो कार्देनाल

एक विवर

किम ह्ये-सून

खुले वाक्य

हैदर एरगुलेन

दोपहर

यानिस रित्सोस

बसंत

बोरीस पस्तेरनाक

विधुर

ह्यु मैक्डायर्मिड

आज सुबह कोई और

ब्लांका वारेला

रिक्तता

पॉल इल्यार

उस प्रेम के बारे में

जयंत महापात्र

ख़ालीपन

उज्ज्वल शुक्ल

रिक्तताएँ

राजकुमार

ख़तरनाक नहीं है यह

खेमकरण ‘सोमन’

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere