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करुणा पर कविताएँ

अंतिम ऊँचाई

कुँवर नारायण

गिरना

नरेश सक्सेना

सरोज-स्मृति

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

मैं गाँव गया था

शरद बिलाैरे

देना

नवीन सागर

वेश्याएँ

राजकमल चौधरी

स्‍त्री और आग

नवीन रांगियाल

प्रश्नावली

अंकिता आनंद

प्रार्थना

नवीन रांगियाल

ग़ायब लोग

आदर्श भूषण

लगभग

अनुराग अनंत

एक माँ की बेबसी

कुँवर नारायण

अच्छे बच्चे

नरेश सक्सेना

ख़ाली आँखें

नवीन रांगियाल

लड़कियों के बाप

विष्णु खरे

तो फिर वे लोग कौन हैं?

गुलज़ार हुसैन

लेख

अनीता वर्मा

पिता

नवीन रांगियाल

पितृ-स्मृति

आदर्श भूषण

धरती सारी

अदिति शर्मा

बहनें

असद ज़ैदी

मर्सिया

अंचित

सरोज-स्मृति (एन.सी. ई.आर.टी)

सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

रोती हुई औरत

इब्बार रब्बी

कजरी के गीत मिथ्या हैं

मनीष कुमार यादव

उसी शहर में

ध्रुव शुक्ल

उड़ गई माँ

विश्वनाथ प्रसाद तिवारी

भव्यता के विरुद्ध

रविशंकर उपाध्याय

अकेला आदमी

विष्णु खरे

लगभग सुखमय!

सुशोभित

अम्मी

अनस ख़ान

बहुत बुरे हैं मर गए लोग

चंडीदत्त शुक्ल

मेघदूत विषाद

सुधांशु फ़िरदौस

पागलों का एक वर्णन

मंगलेश डबराल

हम औरतें

वीरेन डंगवाल

भरोसा

सारुल बागला

एक अन्य युग

अविनाश मिश्र

चश्मा

राजेंद्र धोड़पकर

जाग मछंदर

दिनेश कुमार शुक्ल

उपला

नवीन रांगियाल

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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