शासक वर्गों को साम्यवादी क्रांति होने पर काँपने दो। सर्वहाराओं पर अपनी बेड़ियों के अतिरिक्त अन्य कुछ है ही नहीं, जिसकी हानि होगी। जीतने के लिए उनके सामने एक संसार है। सभी देशों के श्रमिकों संगठित बनो।
जो कोई भी अपने आपको मार्क्सवादी क्रांतिकारी लेखक कहता हो और ख़ासतौर से जो लेखक कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य हो—उसे मार्क्सवाद-लेनिनवाद का ज्ञान अवश्य होना चाहिए। लेकिन इस समय कुछ साथी मार्क्सवाद की बुनियादी धारणाओं से अनभिज्ञ हैं।
जब तक समाज में वर्ग मौजूद हैं, तब तक कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर सही विचारों और ग़लत विचारों के बीच के अंतर्विरोध, पार्टी के अंदर वर्ग-अंतर्विरोध को ही प्रतिबिंबित करते रहेंगे।
साम्यवाद एक विश्व-दर्शन है, जिसे सिद्ध होने का मौक़ा सबसे पहले रूस में मिला।
कम्युनिस्टों का कर्तव्य है कि वे प्रतिक्रियावादियों और आध्यात्मवादियों के ग़लत विचारों का भंडाफोड़ कर दें, वस्तुओं में निहित द्वंदात्मकता का प्रचार करें, और इस प्रकार वस्तुओं के रूपांतर की रफ़्तार बढ़ाएँ तथा क्रांति का उद्देश्य को प्राप्त करें।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere