जग ते उधरे जिनि राम कहे

jag te udhre jini raam kahe

धन्ना भगत

धन्ना भगत

जग ते उधरे जिनि राम कहे

धन्ना भगत

जग ते उधरे जिनि राम कहे।

तिनके दुःख दारूण आप दहे॥

उधरे उधो नारद नामा।

अंबरीस प्रह्लाद सुदामा॥

उधरे सिव संकर सनकादिक।

सनक सनंदन चरन परापति॥

दास धन्ना हरि के गुण गावे।

गुर प्रसाद परम पद पावे॥

स्रोत :
  • पुस्तक : जाटों की गौरव गाथा (पृष्ठ 32)
  • संपादक : पेमाराम , विक्रमादित्य
  • रचनाकार : धन्ना भगत
  • प्रकाशन : राजस्थानी ग्रंथागार
  • संस्करण : 2016

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