शील की कविताएँ
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1915 - 1994 | कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश
हिंदी की प्रगतिशील और जनवादी धारा के कवि-गीतकार और कार्यकर्ता।
हिंदी की प्रगतिशील और जनवादी धारा के कवि-गीतकार और कार्यकर्ता।
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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