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जिस गाँव में गुण-अवगुण को सुनने व समझने वाला कोई नहीं है और जहाँ अराजकता फैली हुई है, हे राजिया! वहाँ रहना कठिन है।
मुख से मीठा बोलते हैं पर हृदय से बुराई करते रहते हैं। हे राजिया! ऐसे लोगों से कभी संपर्क नहीं रखना चाहिए।
हे राजिया! यदि सिंह मर भी जाए तो भी वह मिट्टी या घास नहीं खाता।
कस्तूरी बहुत काली और करूप होती है पर काँटे पर तोली जाती है। परंतु हे राजिया! शक्कर बहुत सुंदर होने पर भी पत्थरों से तोली जाती है।