Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

Gopalsharan Singh

1891 - 1960 | مدھیہ پردیش

کی

निर्बलता आक्रमण का आमंत्रण है।

कविता की सप्राणता भावना में ही है। परंतु भावना के लिए बुद्धि का नियंत्रण आवश्यक है। अनियंत्रित भावना की परिणति सस्ती भावुकता होती है।

  • विषय :
    اور 2 مزید

उसके स्वरूप की सुधा ही नेत्र-नीर है।

  • विषय : 1
    اور 1 مزید

Recitation

Jashn-e-Rekhta 10th Edition | 5-6-7 December Get Tickets Here

रजिस्टर कीजिए