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माँ बनने पर

man banne par

अनुवाद : दिनकर सोनवलकर

पद्मा गोले

अन्य

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पद्मा गोले

माँ बनने पर

पद्मा गोले

और अधिकपद्मा गोले

    माँ, अब समझ में आया है अर्थ

    तेरी वेदना का

    और हुई अनुभूति

    तेरे नाज़ुक दुःखों की, सुखों की।

    माँ, अब मिली वह दृष्टि

    जिससे देख सकूँ

    तेरी ममतामयी आँखों में

    धूप-छाँव का खेल;

    अब ये श्रवण

    मूक सिसकियाँ सुनने के लिए

    संवेदन-क्षम बन गए हैं,

    और मेरा मन भी

    समझने लगा है अर्थ उनका।

    अब तेरी वात्सल्यमयी दृष्टि से

    देखती हूँ सृष्टि को,

    और मेरा लाल

    लगता है सौंदर्य का अवतार,

    तेरे असीम दुलार से

    सुख-दुःख को तौलती हूँ

    अब बेटे के सुख में ही

    केंद्रित है सुख मेरा।

    बड़े भाग से

    तेरा पागल मन मुझे भी मिल गया

    और उसी से मिली

    इस जीवन को पूर्णता,

    अपने रतन को

    कलेजे से लगाते ही

    हृदय भर-भर आता है

    और जी में जाता है

    कि फिर से मिले

    वह बचपन मुझको।

    स्रोत :
    • पुस्तक : प्रतिनिधि संकलन कविता मराठी (पृष्ठ 91)
    • रचनाकार : पद्मा गोले
    • प्रकाशन : भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशन
    • संस्करण : 1965

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