کی
जीवन तो अपर्याप्त आधार वाक्यों से पर्याप्त परिणामों को निकालने की कला है।
आस्तिक और नास्तिक उनमें इसी बात पर लड़ाई है। कि ईश्वर को ईश्वर कहा जाए या कोई दूसरा नाम दिया जाए।
कला का इतिहास पुनः प्रवर्तनों का इतिहास है।
जीवन थक जाने की एक लंबी प्रक्रिया है।