लियोनार्ड कोहेन के उद्धरण
कविता तो जीवन का प्रमाण मात्र है। अगर आपका जीवनदीप अच्छी तरह से जल रहा है, तो कविता सिर्फ़ राख है।
खेल प्रकृति की सबसे सुंदर रचना हैं।
मुझे उम्मीद के अलावा किसी भी जगह रहने से डर लगता है। मुझे कोई जान का ख़तरा नहीं है।
हम पागल नहीं हैं। हम इंसान हैं। हम प्यार करना चाहते हैं, और प्यार करने के लिए हम जो रास्ते अपनाते हैं; उसके लिए औरों द्वारा हमें माफ़ कर देना चाहिए, क्योंकि कई रास्ते हैं और अँधियारे हैं, और हम अपनी यात्रा में उत्साही और क्रूर हैं।
अनिद्रा के रोगी का अंतिम आश्रय सोई हुई दुनिया से श्रेष्ठता की भावना है।
प्यार एक आग है यह सबको जला देता है यह हर किसी को विकृत कर देता है यह दुनिया की बदसूरती के लिए बहाना है।
मैंने स्वतंत्र होने के लिए अपने तरीक़े से प्रयास किया है।
बच्चे चोट के निशानों को पदकों की तरह दिखाते हैं। प्रेमी इनका उपयोग रहस्य उजागर करने के लिए करते हैं। दाग़ तब होता है, जब शब्द को मूर्त रूप दिया जाता है।
केवल एक चीज़ ने उसे ख़ुश किया और अब जब वह चीज़ चली गई तो हर चीज़ ने उसे ख़ुश कर दिया।
वास्तविकता उन संभावनाओं में से एक है, जिसे मैं नज़रअंदाज नहीं कर सकता।
प्यार ही जीवित रहने का एकमात्र साधन है।
हर चीज़ में एक दरार है। इसी तरह रोशनी अंदर आती है।
आप अपना जीवन ऐसे जियो जैसे कि यह वास्तविक हो… हज़ारों चुंबनों जितना गहरा।
मैं ख़ुद को निराशावादी नहीं मानता। मैं निराशावादी व्यक्ति उसे मानता हूँ जो बारिश होने का इंतिज़ार कर रहा है। और मैं पूरी तरह से भीगा हुआ महसूस करता हूँ।
यहाँ ऐसे कुछ लोग हैं जो आपके किए को माफ़ कर देते हैं, और कुछ ऐसे हैं जो इसकी परवाह भी नहीं करते हैं।
किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ थामना कठिन है जो आकाश तक केवल आत्मसमर्पण करने के लिए पहुँच रहा है।
आप नर्क जाने के बाद स्वर्ग जाते हैं।
आप जैसा बनना चाहते हैं, वैसा ही कार्य करें और जल्द ही आप वैसे ही हो जाएँगे जैसे आप कार्य करते हैं।
प्यार कोई विजय जुलूस नहीं है। यह बेपरवाह है और टूटी हुई प्रार्थना है।
मैं जितना बूढ़ा होता जा रहा हूँ, उतना ही आश्वस्त होता जा रहा हूँ कि मैं परम आवश्यक नहीं हूँ।
हम प्यार में बने हैं। हम प्यार में ग़ायब हो जाते हैं।
वह जानता था कि बाल महसूस नहीं कर सकते, उसने उसके बालों को चूमा।
मैं तुम्हें जो कुछ भी बताता हूँ, वह किसी और चीज़ का बहाना है।
मैं कल की सारी बातें अपने अंदर रखते हुए कुछ भी नया कैसे शुरू कर सकता हूँ?
सबसे पहले तो कुछ नहीं होगा और थोड़ी देर बाद कुछ भी दुबारा नहीं होगा।
इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप क्या करते हैं, क्योंकि यह वैसे भी होने वाला है।
जैसे-जैसे हमारी आँखें देखने की आदी हो जाती हैं, वे ख़ुद को आश्चर्य के विरुद्ध ढाल लेती हैं।