Font by Mehr Nastaliq Web

युद्ध पर गीत

युद्ध संघर्ष की चरम

स्थिति है जो एक शांतिहीन अवस्था का संकेत देती है। युद्ध और शांति का लोक, राज और समाज पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। प्रस्तुत चयन में युद्ध और शांति और विभिन्न प्रसंगों में उनके रूपकों के साथ अभिव्यक्त कविताओं का संकलन किया गया है।

तुरत सम्हरू

मार्कण्डेय प्रवासी

दगधल लगइत देश अछि

मार्कण्डेय प्रवासी

तुम आग पर चलो

गोपाल सिंह नेपाली

ओ राही दिल्ली जाना तो

गोपाल सिंह नेपाली

प्रश्न सरल हो जाएगा क्या?

चित्रांश वाघमारे

यह जीवन-पत्र अलक्षित

राघवेंद्र शुक्ल

गृद्ध लगे मँडराने

नरेंद्र शर्मा

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए