Font by Mehr Nastaliq Web

नींद पर ग़ज़लें

नींद चेतन क्रियाओं के

विश्राम की नित्यप्रति की अवस्था है। प्रस्तुत चयन में नींद के अवलंब से अपनी बात कहती कविताओं का संकलन किया गया है।

बह रहल बा

ए. कुमार ‘आँसू’

पाँव कतनो जरी

गहबर गोवर्द्धन

ज़िंदगी

नवल बिश्नोई

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए