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नींद पर गीत

नींद चेतन क्रियाओं के

विश्राम की नित्यप्रति की अवस्था है। प्रस्तुत चयन में नींद के अवलंब से अपनी बात कहती कविताओं का संकलन किया गया है।

साथी, सो न, कर कुछ बात

हरिवंशराय बच्चन

सो न सका

रमानाथ अवस्थी

लौ जरे अविरल हो...

अशोक द्विवेदी

सोई हो कैसी निद्रा

ज्ञानवती सक्सेना

पुरवइया धीरे बहऽ

तैयब हुसैन पीड़ित

रएनियाँ बिलमे ना...

अशोक द्विवेदी

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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