सेक्स पर कवितांश
‘सेक्स’ अँग्रेज़ी भाषा
का शब्द है जो हिंदी में पर्याप्त प्रचलित है। हिंदी में इसका अर्थात् : रति, संभोग, सहवास, मैथुन, यौनाचार, काम, प्रेमालाप से संबद्ध है। सेक्स एक ऐसी क्रिया है जिसमें देह के माध्यम सुख की प्राप्ति की जाती है या प्रेम प्रदर्शित किया जाता है। सेक्स-केंद्रित कविताओं की प्रमुखता साहित्य में प्राचीनकाल से ही रही है। हिंदी में रीतिकाल इस प्रसंग में उल्लेखनीय है। इसके साथ ही विश्व कविता और भारतीय कविता सहित आधुनिक हिंदी कविता में भी सेक्स के विभिन्न आयामों पर समय-समय पर कविताएँ संभव हुई हैं। यहाँ प्रस्तुत है सेक्स-विषयक कविताओं का एक चयन।
सुमन से मृदुतर है काम
कुछ ही लोगों को प्राप्त है
उसका शुभ परिणाम
आग तो छूने पर ही जला सकती है
किंतु काम-ज्वर तो बिछुड़ने पर जलाता है
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere