Font by Mehr Nastaliq Web

स्वार्थ पर गीत

दुनियाँ चलती फिरती

रामजियावान दास ‘बावला’

जब से भइल बा पंचकुटी सरकार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

साँसत में जान

ब्रजभूषण मिश्र

दिल के भीतर

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

चंदन के गंध

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

आन्हर ई संसार

सुधांशु ‘शेखर’ चौधरी

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए