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आत्म-चिंतन पर कविताएँ

कविता की आत्मा

महमूद दरवेश

ऊब

पाब्लो नेरूदा

एक कविता

बोरीस पस्तेरनाक

अनुगूँज

अन्ना अख्मातोवा

झेंपते हुए

महमूद दरवेश

नोट

हेलमूट त्सेंकर

एक प्रेत आ सकता है

एलेन गिन्सबर्ग

आधे-अधूरे

महमूद दरवेश

जब मैं बच जाता हूँ

डैनियल वाएसबोर्ट

ख़ुद के लिए

व्लादिमीर होलन

रात में

एलिज़ाबेथ जेनिंग्स

एक अंधा आदमी

होर्खे लुइस बोर्खेस

पूर्व बोध

सी. पी. कवाफ़ी

शिनाख़्त का सच

दर्शन बुट्टर

मैं गड़रिया हूँ

फ़र्नांदो पेसोआ

उनींदी रात में

अलेक्सांद्र पूश्किन

पत्तों पर बारिश

दर्शन बुट्टर

तेंतीस पर

दिमितेर स्तेफानोव

आस्था

हरमन हेस

आवाज़ें और पगचिह्न

दर्शन बुट्टर

यह ढीठ बारिश

एलसी आलवारादो दे रिकोर्द

धूप-छाँव

दर्शन बुट्टर

साझे हर्फ़

दर्शन बुट्टर

सुबह

यानिस रित्सोस

पुनश्च

यानोश पिलिंस्की

तैयारी

यानिस रित्सोस

विवशता की वर्णमाला

दर्शन बुट्टर

पवन कथा

दर्शन बुट्टर

आत्मचित्र

निकानोर पार्रा

शालीनता में खोया

येहूदा आमिखाई

वृक्ष मनुष्य

दर्शन बुट्टर

कच्चे-पक्के रंग

दर्शन बुट्टर

हाशिए पर प्रतीक्षा

दर्शन बुट्टर

शोकगान

होर्खे लुइस बोर्खेस

कई रातों के बाद

डौंउ न्वै स्वे

रपट

एरिष फ्रीड

घिरा हुआ उद्यान

एनरीक़ गोंज़ालेज़ मार्तिनेज़

जीवन के अंत में

शांदोर वोरोश

चीज़ों को साबुत रखना

मार्क स्ट्रैंड

असंभव

ऑलॉदार लास्लोफ़्फ़ी

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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