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रूसी कविता पर कविताएँ

विदा

सर्गेई येसेनिन

भटक रही है आग भयानक

ओसिप मंदेलश्ताम

समाधि-लेख

मारीना त्स्वेतायेवा

दुर्दिन है आज

ओसिप मंदेलश्ताम

वह

अलेक्सांद्र ब्लोक

किसी ने भी छीना नहीं

मारीना त्स्वेतायेवा

ईर्ष्या

मारीना त्स्वेतायेवा

मैंने सिखा लिया अपने को

अन्ना अख्मातोवा

एक कविता

बोरीस पस्तेरनाक

काला और गोरा

व्लादिमीर मायाकोव्स्की

कमरा

बोरीस पस्तेरनाक

जयंती

व्लादिमीर मायाकोव्स्की

घर की याद

मारीना त्स्वेतायेवा

ग्रीष्म में

अलेक्सांद्र ब्लोक

धूप का देवता

इवान बुनिन

कविताएँ पढ़ते हुए

निकोलाय ज़बोलोत्स्की

कविता और टैक्स-इंसपेक्टर

व्लादिमीर मायाकोव्स्की

जंगल में

अन्ना अख्मातोवा

माथा चूमने पर

मारीना त्स्वेतायेवा

मर जाता है जब आदमी

अन्ना अख्मातोवा

अगस्त

मारीना त्स्वेतायेवा

मैं क्यों आया?

कान्स्तैंतीन बालमोंत

पुरानी चिट्ठियांँ

फैदोर त्यूतशेव

तह में

बोरीस पस्तेरनाक

अजनबी स्त्री

अलेक्सांद्र ब्लोक

सोवियत रूस

सर्गेई येसेनिन

रूसी क्रांति के प्रति

वालेरी ब्रियुसोव

वैसे जीती जैसे मैं लिखती

मारीना त्स्वेतायेवा

एक वसीयत के प्रारूप की प्रतिलिपि

यारोस्लाव स्मेलयाकोव

नई कापी

बेला अख़्मादूलीना

काश मैं तुम्हारे साथ रहती

मारीना त्स्वेतायेवा

कुछ पूछो मत अब मुझसे

ओसिप मंदेलश्ताम

घर

मारीना त्स्वेतायेवा

चुप है आत्मा...

अलेक्सांद्र ब्लोक

तुम्हारा नाम

मारीना त्स्वेतायेवा

कल देखोगे

निकोलाई रेरिख

कवि

सर्गेई येसेनिन

मिट्टी के नीचे

निकोलाई रेरिख

अनंत

निकोलाई रेरिख

ओ मेरी वफ़ादार मेज़

मारीना त्स्वेतायेवा

पतझर

बोरीस पस्तेरनाक

रात

बोरीस पस्तेरनाक

रात में जब

अलेक्सांद्र ब्लोक

सैर

निकोलाय ज़बोलोत्स्की

दूसरों के भ्रामक सौंदर्य

मारीना त्स्वेतायेवा

हवा

बोरीस पस्तेरनाक

रात के धुँधलके से ढकी

अलेक्सांद्र ब्लोक

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere