रहस्यवादी कविता का सृजन ही नहीं, बल्कि ग्रहण भी नितांत निजी एवं वैयक्तिक कार्य है।
जीवन की क्षुद्रताओं से मनुष्य को ऊपर उठाकर, उसे उच्च भाव-भूमि पर प्रतिष्ठित करने का श्रेय रहस्यवाद को ही है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere