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नाम पर कविताएँ

नाम एक पहचान, उपस्थिति

और अस्तित्व विषयक चयन है। इस संग्रह में नाम और नामकरण पर ज़ोर रखती कविताओं का अपूर्व संकलन किया गया है।

वेश्याएँ

राजकमल चौधरी

इलाहाबाद

संदीप तिवारी

तुम्हारा नाम

राजेंद्र धोड़पकर

आभार

पंकज चतुर्वेदी

नामों के बीच से चुना गया नाम

हुआन रामोन हिमेनेज़

तुम्हारा नाम

मारीना त्स्वेतायेवा

चुका हुआ नाम

गाब्रियल ओकारा

कोई गाता है

एरिष फ्रीड

दीवार पर नाम

गियोर्गी ज्यागारोव

मुक्ति

पॉल इल्यार

उसने कहा

येहूदा आमिखाई

सही नाम

यीव बोनफ़्वा

घास

तादेऊष रूज़ेविच

नाम

अमिताभ

आँख, हाथ और शरीर

मौं पां: म्ये:ह्

हस्ताक्षर

सुदीप सोहनी

सोमेश शुक्ल

सोमेश शुक्ल

भोर का नामकरण

रफ़ाइल अलबर्ती

नामों के बारे में बातचीत

नेद्याल्को योर्दानोव

मेरे और तुम्हारे नाम

रोबेर्तो ख्वार्रोस

तुम्हारा नाम

शिवम चौबे

सिर्फ़ नाम

गार्गी मिश्र

मुझसे मेरा नाम न पूछो

कृष्ण मुरारी पहारिया

नाम में क्या रखा है

अच्युतानंद मिश्र

नाम और लाड़ के नाम

मोनिका कुमार

डिठौना था उसका नाम

चंद्रकांत देवताले

सिरनामे की तलाश

विजय देव नारायण साही

मैंने सोचे कई नाम

सुदीप बनर्जी

उसे क्या नाम दूँ

भवानीप्रसाद मिश्र

परकीयाक प्रति

महाप्रकाश

***

जयंत शुक्ल

तुम्‍हारा नाम

नवीन रांगियाल

भाई जागो

प्रदीप सैनी

तुम्हारे नाम

नंदकिशोर आचार्य

इमरोज़

इमरोज़

मालविका के लिए

कुशाग्र अद्वैत

नाम

नाज़िश अंसारी

वेनिस 2017

गिरिराज किराडू

तुम्हारे नाम पर

पंकज प्रखर

जाति एक अभिशाप

सतीश सम्यक

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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