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मातृभूमि पर कविताएँ

भले ही यह न जानूँ

मिक्लोश राद्नोती

सोवियत रूस

सर्गेई येसेनिन

हरेक की ओर

मारीना त्स्वेतायेवा

शोक गीत

ह्रिस्तो बोतेव

विस्मित न होना

लियोपोल्ड सेडार सेंगोर

अपने हाथों के बीच

लियोपोल्ड सेडार सेंगोर

अरी रूपसी, मेरे सम्मुख मत गाओ

अलेक्सांद्र पूश्किन

मैं जान नहीं सकता

मिक्लोश राद्नोती

किरोव हमारे साथ है

निकोलाई तिखोनोव

जितना भी दूर जाता हूँ

सुभाष मुखोपाध्याय

छोटा अमरीका

पाब्लो नेरूदा

टाइफ़स के मारे

यूरे काष्तेलान

पुराना गीत

आन्तुन गुस्ताव मातोष

फिर जन्म लूँगी उड़ीसा में

मनोरमा बिश्वाल महापात्र

जननी जन्मभूमि

सुभाष मुखोपाध्याय

मास्को

ह्रिस्तो स्मिर्नेन्स्की

रूस

अलेक्सांद्र ब्लोक

आग की आँधी

मीरास्लाव कृलैझा

नक़ली क़िला

मैथिलीशरण गुप्त

मिट्टी

कारील्दा ओलीवेर लारा

विलाप नहीं

कुमार वीरेंद्र

अपना देश

एलांगबम नीलकांत सिंह

भारतवर्ष

मैथिलीशरण गुप्त

धरती माता

नरसिंहाचार्युलु वेमुगंटि

क्रांति-पूत

आरसी प्रसाद सिंह

तिनपखिया

कृष्णमोहन झा

यादगार

अलेक्सांद्र पूश्किन

विशाल-भारत

मैथिलीशरण गुप्त

मातृभूमि वंदना

हरिमोहन झा

विरासत

ग़ुलाम मोहम्मद ग़मगीन

जय माँ मणिपुर

अशांगबम मीनकेतन सिंह

वंदे उत्कल जननी

लक्ष्मीकांत महापात्र

हम कंढी के लोग

नरसिंह देव जम्वाल

जन्मभूमि आज

बीरेंद्र चट्टोपाध्याय

यह पीपल का पेड़

तारा स्मैलपुरी

जड़ों में कीलें

द्वारिका उनियाल

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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