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सुबह पर कविताएँ

उम्मीद

विमलेश त्रिपाठी

अगले सबेरे

विष्णु खरे

मेरे दरवाज़े सुबह

पंकज चतुर्वेदी

उषा

शमशेर बहादुर सिंह

विहान

लक्ष्मण गुप्त

रात्रि-गीत

ओक्ताविओ पाज़

भोर

फेदेरीको गार्सिया लोर्का

भोर का तारा

घनश्याम कुमार देवांश

कुछ पेड़

जॉन एशबेरी

सुबह

हो चि मिन्ह

भोर-वेला

टॉमस ट्रांसट्रोमर

सुबह-सुबह

ह्यूगो विलियम्स

सुबह

यानिस रित्सोस

सुबह का गीत

निकोलाय ज़बोलोत्स्की

भोर

ओक्ताविओ पाज़

मास्को की सुबह

अलेक्सांद्र ब्लोक

सुबह

यानिस रित्सोस

भोर में

किरसी कुन्नस

निशा और उषा

बोरीस पस्तेरनाक

प्रातःकाल

बोरीस पस्तेरनाक

उषाएँ, सुबहें रहस्य-संकेत

रिषर्द क्रिनीत्स्की

सुबह

सादी यूसुफ़

खिड़की पर सुबह

टी. एस. एलियट

रोशन हुई शिखर शृंखला

ग़ुलाम अहमद 'महजूर'

प्रातःकाल

व्लादीमीर वीद्रिच

भोर का नामकरण

रफ़ाइल अलबर्ती

खिड़की पर सुबह

टी. एस. एलियट

सुबह के पहले

ओसिप मंदेलश्ताम

सुबह चार बजे

वीस्वावा षिम्बोर्स्का

इस सुबह

गुन्नार ब्योरलिंग

सुबह

शिवम चौबे

सुबह की दुआ

असद ज़ैदी

हिसाब

शक्ति महांति

साफ़ सुबह

निर्मला गर्ग

प्रभात

आलेहांद्रा पिज़ारनीक

प्रस्थान

अमिताभ चौधरी

चहक भरी पौ में

विंदा करंदीकर

सबेरा हुआ है

वंशीधर शुक्ल

सुबह

जितेंद्र कुमार

स्तंभ

अविनाश

अगली सुबह

योगेंद्र गौतम

सुबह आती नहीं लाई जाती है

सौरभ सिंह क्रांतिकारी

कखन होयत भोर

सुस्मिता पाठक

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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