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महँगाई पर कविताएँ

गोबर न पइहौ

रफ़ीक़ शादानी

लुटिग बिहान बबुआ

मोहनलाल यादव

हलकू भइया

मोहनलाल यादव

अफरा-तफरी

कृष्णानन्द कृष्ण

खिचरी

भारतेंदु मिश्र

कमर तोर महँगाई

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

हे बाबू

मोहनलाल यादव

बिन टमाटर, रसोई कंगाल पिया

मनोज मिश्र ‘कप्तान'

मारि देलक महगाइ

बुद्धिनाथ झा

महगी-माहात्म्य

हरिमोहन झा

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere