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मेला पर कविताएँ

मेला सामाजिकता और उत्सवधर्मिता

का प्रकटीकरण है, जिसका आयोजन पर्व-त्योहारों आदि के अवसर पर किया जाता है। प्रस्तुत चयन में मेला विषयक कविताओं का चयन किया गया है।

मस्त मेले

लुई आरागों

विदा

सत्यव्रत रजक

चकल्लस

बलभद्रप्रसाद दीक्षित 'पढ़ीस'

नीमसार का मेला

जगजीवन मिश्र ‘जीवन’

एलेक्ट्रिक गर्ल

रामानुग्रह झा

भगौरिया

मनीषा कुलश्रेष्ठ

मेले में कवि

संध्या चौरसिया

पशु मेले में

विनोद पदरज

विदा की बेला

शालिनी सिंह

कतकी

रामविलास शर्मा

मौत का कुआँ

शंकरानंद

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere