चुनाव पर उद्धरण
चुनाव (इलेक्शन) या निर्वाचन
प्रक्रिया लोकतंत्र का अहम अंग है। इसके गुण-दोष पर विचार आधुनिक बौद्धिक चिंतन में शामिल रहा है। कवि, जो एक प्रबुद्ध और सतर्क नागरिक है और अपने समय का द्रष्टा भी, इस चिंतन-मनन में योगदान करता रहा है।
लोकतांत्रिक चुनावों का सारा मक़सद; बड़ी-बड़ी समस्याओं पर मतदाताओं के विचार को समझना, और मतदाताओं को उनके प्रतिनिधियों को चुनने की ताक़त प्रदान करना है।
स्त्रियों के लिए वोट का कोई मतलब नहीं है। हमें हथियारबंद होना चाहिए।
चुनाव लड़नेवाले प्रायः घटिया आदमी होते हैं, इसलिए एक नए घटिया आदमी द्वारा पुराने घटिया आदमी को—जिसके घटियापन को लोगों ने पहले से ही समझ-बूझ लिया है—उखाड़ना न चाहिए।
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लोकतंत्र इसी पर टिका है कि लोग देश के मुद्दों पर सक्रिय होकर और अक़्लमंदी से जुड़ाव रखें, और चुनावों में हिस्सा लें—जिसका परिणाम सरकारों के गठन के रूप में सामने आता है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere