18 अक्तूबर 2026
किराए का कमरा : विद्यार्थी बनाम मकान मालिक
किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्ज़ाम पास करने के बाद दाख़िला लेने में उतनी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता, जितनी हॉस्टल न मिलने पर किराए का कमरा खोजने में करना पड़ता है। अस
दुनिया गोल ही है
हर गोल पूरी तरह गोल नहीं है। जैसे अपनी पृथ्वी जिसे हम गोल कहते हैं, लेकिन वह कहीं-कहीं उभरी हुई है और कहीं गहरी धँसी हुई। सूरज के चारों ओर घूमने वाली पृथ्वी की कक्षा भी तो पूरी तरह गोल नहीं, बल्कि अं
माँ होने से पहले एक स्त्री
घर से निकलकर अगर पेड़-पौधों पर नज़र दौड़ाई जाए तो क्या इनके इतिहास का पता लगाया जा सकता है? ये अचानक यहाँ आकर तो खड़े नहीं हुए। इनके जन्म, वृद्धि और विकास की भी अपनी कहानी है, जिसे स्पष्टतः कोई नहीं
‘चिरई के जान जाई औ’ लइकन के खिलौना’
लगभग दो दिन बीत चुके हैं किसी किताब को उठाए या ध्यान से कुछ पढ़े हुए। कहीं मन ही नहीं लग रहा। वह तो बार-बार भावुक हुआ जाता है। कई बार रोने का मन करता है। संवेदना की कितनी ही लहरें शरीर के पूरे हिस्से
कहानी : प्रेम और अपराध और दंड
इतनी बारिश! इतनी बारिश कब हुई थी, याद नहीं आता। संभव है कभी हुई ही न हो... गाँव के दक्खिन की तरफ़ की बसावट जिसे कुछ लोग ‘हरिजन बस्ती’ भी कहते थे और उन कुछ में कुछ वे लोग थे जो एक मँझे हुए राजन
अहमदाबाद : एक प्रवासी स्त्री की आँखों से
तीन वर्ष पहले जब मैं अहमदाबाद आई, तो लगा जैसे किसी अपरिचित भूमि पर क़दम रख रही हूँ। पर धीरे-धीरे यह शहर मेरे भीतर उतरने लगा। या शायद यूँ कहूँ कि यह कभी पराया लगा ही नहीं। अहमदाबाद में एक अद्भुत सहजता