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बर्मी कविता पर कविताएँ

अंत एक अंक का

भां:मौ ञोन्वै

देहाती लड़की

डगों टाया

जलकुंभी मार्ग-22

आचार्य ज़ौजी

जलकुंभी मार्ग-32

आचार्य ज़ौजी

प्रकृति

ड. वेटायी

जलकुंभी मार्ग-19

आचार्य ज़ौजी

जलकुंभी मार्ग-10

आचार्य ज़ौजी

जलकुंभी मार्ग-29

आचार्य ज़ौजी

शहीदों की समाधि

तखिं कोड़ौ माँई

घर लौटते हुए

छि ढ़ाली

श्वेला यौं

तखिं कोड़ौ माँई

कई रातों के बाद

डौंउ न्वै स्वे

विचार

मिं: तु वुं

अग्रदूत

मिं: तु वुं

अनुरोध

मिं: तु वुं

आज़ादी के गीत

मिं: तु वुं

बताना उसे

आचार्य ज़ौजी

मित्रता सूत्र

मिं: तु वुं

कली

नु यिं

जो भी गिर जाए

मौं म्यिं म्या्

विंगबा

मिं: तु वुं

जलकुंभी मार्ग-13

आचार्य ज़ौजी

लौह अतिथिगृह

ठीला सित्तू

भूत

ची: अे:

मन मालिक का

ठुं: ने न्वै

नर्तक

भुटलिं: छिले:

चिंता

डौंउ न्वै स्वे

हमारी माले

मिं: तु वुं

तरंगिका

आचार्य ज़ौजी

यात्री

मिं: तु वुं

जल उत्सव

आचार्य ज़ौजी

माँ-बेटा

मिं: तु वुं

संदेश

मिं: तु वुं

बूढ़ी माँ

भुटलिं: छिले:

जीवन

नु तज़िं

कला की बीमारी

भां:मौ ञोन्वै

कवि और मौत का राजा

डौंउ न्वै स्वे

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere