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भोजपुरी पर गीत

ऊ आ हम

तैयब हुसैन पीड़ित

कि आपन देसे भइल बिदेस!

तैयब हुसैन पीड़ित

कउने नरेसवा क देसवा उजरि गइलै

रामजियावान दास ‘बावला’

अइसन अनेत हो गइल

विजेन्द्र अनिल

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

बरीसे रस गीत

भोलानाथ गहमरी

केवट बोलल रामचन्द्र से

रामजियावान दास ‘बावला’

कलम से

मूंगालाल शास्त्री

काहे जननी क सनेहिया परइला तोड़ के

रामजियावान दास ‘बावला’

जागलि घरती के भाग

भोलानाथ गहमरी

वाह रे हिन्दुस्तान!

रामजियावान दास ‘बावला’

परदेस पिया के ना धारे!

तैयब हुसैन पीड़ित

डिम डिम डमरू बजावेला हमार जोगिया

रामजियावान दास ‘बावला’

कइसे कहीं की भारत हौ

रामजियावान दास ‘बावला’

सूखा

रामजियावान दास ‘बावला’

बबुआ बोलता ना

रामजियावान दास ‘बावला’

अगर महराज न बदलवा

रामजियावान दास ‘बावला’

गिट्टी ऊ तूड़े

मूंगालाल शास्त्री

दिल के भीतर

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

तरकुल के छाँव में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

साँसत में जान

ब्रजभूषण मिश्र

कवन बन गइलैं ललना हमार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

कइसे लेहीं उतराई हो

रामजियावान दास ‘बावला’

लौ जरे अविरल हो...

अशोक द्विवेदी

बदरा ले जा सनेस

भोलानाथ गहमरी

कलकतवा से मोर पिया

महेन्द्र मिसिर

आइल फिर 26 जनउरी

रामजियावान दास ‘बावला’

बैरिन बेयार

मूंगालाल शास्त्री

कब फूटल किरिनिया

मूंगालाल शास्त्री

गंध मदन के

भोलानाथ गहमरी

जब से भइल बा पंचकुटी सरकार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

जनम लेली बेटी

मूंगालाल शास्त्री

अइसन लागल चोट

ब्रजभूषण मिश्र

जनतंत्र

रामजियावान दास ‘बावला’

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere