Font by Mehr Nastaliq Web

भोजपुरी पर गीत

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

साँसत में जान

ब्रजभूषण मिश्र

कि आपन देसे भइल बिदेस!

तैयब हुसैन पीड़ित

कउने नरेसवा क देसवा उजरि गइलै

रामजियावान दास ‘बावला’

तरकुल के छाँव में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

ना अइलऽ बरिसात में

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

केवट बोलल रामचन्द्र से

रामजियावान दास ‘बावला’

काहे जननी क सनेहिया परइला तोड़ के

रामजियावान दास ‘बावला’

वाह रे हिन्दुस्तान!

रामजियावान दास ‘बावला’

परदेस पिया के ना धारे!

तैयब हुसैन पीड़ित

डिम डिम डमरू बजावेला हमार जोगिया

रामजियावान दास ‘बावला’

कइसे कहीं की भारत हौ

रामजियावान दास ‘बावला’

सूखा

रामजियावान दास ‘बावला’

बबुआ बोलता ना

रामजियावान दास ‘बावला’

अगर महराज न बदलवा

रामजियावान दास ‘बावला’

दिल के भीतर

सूर्यदेव पाठक ‘पराग’

लगी जाई भूख त का खइबा हो

रामजियावान दास ‘बावला’

दुनियाँ चलती फिरती

रामजियावान दास ‘बावला’

आयल चुनाव फेरु आय गइलैं

रामजियावान दास ‘बावला’

अबकी जिताइ के देखा हो पंचो

रामजियावान दास ‘बावला’

दुनियाँ में चार दिन क जिनिगी के खेल

रामजियावान दास ‘बावला’

हट चूड़ी पहन ले कलइया में

रामजियावान दास ‘बावला’

पाँच बरिस पर मोहर लगाके

तैयब हुसैन पीड़ित

सिया जी के अँसुवा में जिनिगी नहाय

रामजियावान दास ‘बावला’

नमन बाटै

रामजियावान दास ‘बावला’

बारूद पर गाँव

ब्रजभूषण मिश्र

आइल फिर 26 जनउरी

रामजियावान दास ‘बावला’

जब से भइल बा पंचकुटी सरकार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

लौ जरे अविरल हो...

अशोक द्विवेदी

कलकतवा से मोर पिया

महेन्द्र मिसिर

आन्ही आइल पानी आयल

रामजियावान दास ‘बावला’

बसन्त रितु रंग भरे

अशोक द्विवेदी

कइसे लेहीं उतराई हो

रामजियावान दास ‘बावला’

कवन बन गइलैं ललना हमार हो

रामजियावान दास ‘बावला’

ऊ आ हम

तैयब हुसैन पीड़ित

अइसन लागल चोट

ब्रजभूषण मिश्र

जनतंत्र

रामजियावान दास ‘बावला’

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए