हम किसी के साथ जितने ज़्यादा अंतरंग होते हैं; उसकी नकारात्मक भावनाओं पर प्रतिक्रिया किए बिना, उसके दृष्टिकोण को तटस्थता से सुनना उतना ही ज़्यादा मुश्किल होता है।
अंश के प्रति आसक्ति, हमें समग्र के विरुद्ध विद्रोह करने के लिए प्रेरित करती है और यही पाप है।
जो मोहवश अपने हित की बात नहीं मानता है, वह दीर्घसूत्री मनुष्य अपने स्वार्थ से भ्रष्ट होकर केवल पश्चाताप का भागी होता है।
योगी (कर्मयोगी) आसक्ति को त्याग कर अंतःकरण की शुद्धि के लिए कर्म करते हैं।
हे अर्जुन! मैं बलवानों का आसक्ति और कामनाओं से रहित बल हूँ और सब प्राणियों में धर्म के अनुकूल 'काम' हूँ।
जब तक भोग और मोक्ष की वासना रूपिणी पिशाची हृदय में बसती है, तब तक उसमें भक्ति-रस का आविर्भाव कैसे हो सकता है।
प्रेम प्रतिदान नहीं चाहता, मोह प्रतिदान चाहता है।
सेक्सी होने का मतलब है—किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति आकर्षित हो जाना, जिसे आप जानते तक नहीं।
विषय रूपी विष के भोग से उत्पन्न मोह ऐसा विषम होता है कि वह जड़ी-बूटी और मंत्रों से नहीं उतरता।
जिसके लिए तुम्हारा सोचना, करना एवं बोध, जितना एवं जिस प्रकार है, उसके प्रति तुम्हारी आसक्ति, खिंचाव या प्रेम उतना ही और उसी प्रकार है।
प्रतारणा में बड़ा मोह होता है। उसे छोड़ने को मन नहीं करता।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere