Font by Mehr Nastaliq Web

आसक्ति पर ग़ज़लें

आदमी के देख के

कृष्णानन्द कृष्ण

का रखल बा अब

कृष्णानन्द कृष्ण

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए