
कविता तो जीवन का प्रमाण मात्र है। अगर आपका जीवनदीप अच्छी तरह से जल रहा है, तो कविता सिर्फ़ राख है।

सिवाय राख के, मैंने अपने लिए कुछ भी नहीं रखा है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
कविता तो जीवन का प्रमाण मात्र है। अगर आपका जीवनदीप अच्छी तरह से जल रहा है, तो कविता सिर्फ़ राख है।
सिवाय राख के, मैंने अपने लिए कुछ भी नहीं रखा है।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere