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उद्धरण

उद्धरण श्रेष्ठता का संक्षिप्तिकरण हैं। अपने मूल-प्रभाव में वे किसी रचना के सार-तत्त्व सरीखे हैं। आसान भाषा में कहें तो किसी किताब, रचना, वक्तव्य, लेख, शोध आदि के वे वाक्यांश जो तथ्य या स्मरणीय कथ्य के रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं, उद्धरण होते हैं। भाषा के इतिहास में उद्धरण प्रेरणा और साहस प्रदान करने का काम करते आए हैं। वे किसी रचना की देह में चमकती आँखों की तरह हैं, जिन्हें सूक्त-वाक्य या सूक्ति भी कहा जाता है। संप्रेषण और अभिव्यक्ति के नए माध्यमों में इधर बीच उद्धरणों की भरमार है, तथा उनकी प्रासंगिकता और उनका महत्त्व स्थापना और बहस के केंद्र में है।

1542 -1605

मुग़ल बादशाह। साहित्य-संगीत-कला के संरक्षण और प्रसार में योगदान।

1910 -1998

प्रसिद्ध जापानी फिल्म निर्देशक।

1911 -1987

समादृत कवि-कथाकार-अनुवादक और संपादक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

1948

ईरानी मूल की अमेरिकी लेखिका और प्राध्यापक। 'रीडिंग लोलिता इन तेहरान' कृति के लिए चर्चित।

1891 -1937

समादृत मार्क्सवादी विचारक, सांस्कृतिक सिद्धांतकार, भाषाविद और लेखक। 'सांस्कृतिक वर्चस्व' के सिद्धांत के लिए उल्लेखनीय।

1885 -1968

स्पैनिश भाषा के विश्व-विख्यात कवि।

1903 -1977

फ़्रांसीसी मूल की अमेरिकी लेखिका। कहानी, निबंध और डायरी के साथ ही काम-साहित्य की रचना के लिए चर्चित।

1520 -1593

दक्षिण भारत के समादृत योगी, दार्शनिक और संस्कृत काव्यशास्त्री। शिव अद्वैत में योगदान।

1640 -1689

अँग्रेज़ी रेस्टोरेशन युग की प्रसिद्ध नाटककार, कवयित्री, उपन्यासकार और अनुवादक। आरंभिक नारीवाद में महत्त्वपूर्ण योगदान।

1903 -1948

कश्मीरी कवि, इतिहासकार और समालोचक। कश्मीर के पहले क्रांतिकारी कवि के रूप में उल्लेखनीय।

1551 -1602

मुग़लकालीन लेखक-इतिहासकार। अकबर के 'नवरत्न' में से एक। 'आइन-ए-अकबरी', 'अकबरनामा' आदि कृतियों के लिए उल्लेखनीय।

1858 -1900

'भारतेंदु मंडल' के कवियों में से एक। कविता की भाषा और शिल्प रीतिकालीन। 'काशी कवितावर्धिनी सभा’ द्वारा 'सुकवि' की उपाधि से विभूषित।

950 AD -1020

कश्मीर शैव दर्शन से संबद्ध दार्शनिक, साधक, कवि और सौंदर्यशास्त्र के सिद्धांतकार। स्पंद सिद्धांत और प्रत्यभिज्ञा में योगदान।

1916 -1990

समादृत उपन्यासकार-कथाकार। पटकथा-लेखन में भी योगदान। साहित्य अकादेमी-पुरस्कार से सम्मानित।

1928 -2018

समादृत लेखक और चित्रकार। साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत।

1919 -2005

पंजाबी की लोकप्रिय कवयित्री-लेखिका। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

संस्कृत के प्रशंसित शृंगार काव्य कवि। 'अमरुशतकम्' कृति के लिए उल्लेखनीय।

1253 -1325

सूफ़ी संत, संगीतकार, इतिहासकार और भाषाविद। हज़रत निज़ामुद्दीन के शिष्य और खड़ी बोली हिंदी के पहले कवि। ‘हिंदवी’ शब्द के पुरस्कर्ता।

800 AD -878 AD

राष्ट्रकूट वंश के शासक, धर्म-कला-साहित्य के संरक्षक और कवि-लेखक। 'कविराजमार्ग' कृति के लिए उल्लेखनीय।

1944

प्रसिद्ध हिंदी फिल्म अभिनेता-निर्देशक।

1939 -2018

सुप्रसिद्ध इज़राइली लेखक, पत्रकार और बुद्धिजीवी। 'द्विराज्य समाधान' के पैरोकार।

1865 -1947

कवि और गद्यकार। खड़ी बोली हिंदी के प्रथम महाकाव्य 'प्रिय प्रवास' के रचनाकार।

1961

सुप्रसिद्ध लेखिका और समाजसेवी।

384 BC -322 BC

प्राचीन यूनान के महान दार्शनिक और बहुविद्। 'पश्चिमी दर्शन के जनक' के रूप में समादृत।

1688 -1744

अँग्रेज़ी प्रबोधन युग के प्रमुख कवि, व्यंग्यकार और अनुवादक। 'एन एसे ऑन क्रिटिसिज़्म', 'द रेप ऑफ द लॉक', 'द डनसियाड', 'एन एसे ऑन मैन' जैसी कृतियों की रचना और होमर के 'एलिअड' व 'ओडिसी' के अनुवाद के लिए उल्लेखनीय।

1799 -1837

आधुनिक रूसी साहित्य के प्रणेता के रूप में समादृत कवि, नाटककार और उपन्यासकार।

1870 -1937

सुप्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक, चिकित्सक और लेखक। मनोविज्ञान में 'व्यक्तित्व सिद्धांत' के प्रवर्तक।

1861 -1947

सुप्रसिद्ध ब्रिटिश गणितज्ञ और दार्शनिक। 'प्रोसेस फ़िलॉसफ़ी' के प्रतिपादक। 'प्रिंसिपिया मैथेमेटिका' कृति के लिए उल्लेखनीय।

1913 -1960

समादृत फ्रेंच दार्शनिक और लेखक। विसंगतिवाद में योगदान। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित।

1879 -1955

संसारप्रसिद्ध वैज्ञानिक। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित।

1430 -1575

तेलुगु के महाकवि। राजा कृष्णदेवराय राय के 'अष्टदिग्गज' में अग्रणी।

1671 -1756

बंगाल के चौथे नवाब। कला-संगीत-साहित्य के संरक्षण में योगदान।

1871 -1951

प्रसिद्ध चित्रकार, लेखक और कला-आचार्य। बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट के संस्थापक।

1975

लोकप्रिय लेखक-पॉडकास्टर।

1900 -1927

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी, काकोरी कांड के नायक और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य। कविताओं और जेल-डायरी के रूप में साहित्यिक योगदान।

80 AD -150 AD

बौद्ध दार्शनिक, नाटककार, कवि, संगीतकार और उपदेशक। 'बुद्धचरित' और सौंदरानंद' जैसी कृतियों के लिए उल्लेखनीय।

भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता। स्वदेशी आंदोलन में प्रमुख योगदान।

1941

समादृत कवि-आलोचक और संस्कृतिकर्मी। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

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