1909 - 1984 | वारसॉ
सुपरिचित पोलिश कवयित्री। युद्धकालीन अनुभव, माता-पिता, मातृत्व और स्त्री शरीर एवं कामुकता जैसे विषयों पर काव्य-लेखन के लिए उल्लेखनीय।
सुपरिचित पोलिश कवयित्री। युद्धकालीन अनुभव, माता-पिता, मातृत्व और स्त्री शरीर एवं कामुकता जैसे विषयों पर काव्य-लेखन के लिए उल्लेखनीय।
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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