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पुनर्जन्म

punarjanm

यानिस रित्सोस

अन्य

अन्य

यानिस रित्सोस

पुनर्जन्म

यानिस रित्सोस

और अधिकयानिस रित्सोस

    वर्षों तक किसी ने बाग़ीचे की सार-सँभाल नहीं की थी। तब भी

    इस साल मई में, जून में, वह ख़ूब खिल गया था, इस बार अपने आप

    रेलिंग तक एक मुसलसल चमक, एक हज़ार गुलाब

    कार्नेशन, जिरेनियम, स्वीटपी—

    बैंजनी, नारंगी, हरे, लाल, पीले रंग

    रंगों की कलगियाँ–इतनी ज़्यादा कि पानी की पुरानी झारी वाली

    औरत

    पौधों को पानी देने के लिए फिर से प्रकट हो गई—

    पहले जैसी ही सुंदर, शांत, एक अव्याख्येय आश्वासन से भरपूर।

    और बाग़ीचा

    उसके चारों ओर इकट्ठा हो गया, कंधे से ऊँचा,

    उसने उसे गले लगा लिया, पूरी तरह अपने अंक में भर लिया,

    उसे अपनी बाँहों में उठा लिया। तब दिन की रोशनी में हमने देखा,

    किस तरह वह पूरा बाग़ीचा और पानी की झारी के साथ वह औरत

    ऊपर से उतरी—और जब

    हमने आसमान की ओर देखा तो उसकी झारी से पानी की कुछ बूँदें

    आहिस्ता से गिर पड़ीं हमारे गालों, ठुड्डियों और होंठों पर।

    स्रोत :
    • पुस्तक : दरवाज़े में कोई चाबी नहीं (पृष्ठ 157)
    • संपादक : वंशी माहेश्वरी
    • रचनाकार : यानिस रित्सोस
    • प्रकाशन : संभावना प्रकाशन
    • संस्करण : 2020

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