Font by Mehr Nastaliq Web

शब्द पर दोहे

वर्णों के मेल से बने

सार्थक वर्णसमुदाय को शब्द कहा जाता है। इनकी रचना ध्वनि और अर्थ के मेल से होती है। शब्द को ब्रहम भी कहा गया है। इस चयन में ‘शब्द’ शब्द पर बल रखती कविताओं का संकलन किया गया है।

दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।

ज्यों रहीम नट कुंडली, सिमिटि कूदि चढ़ि जाहिं॥

रहीम

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

Jashn-e-Rekhta 10th Edition | 5-6-7 December Get Tickets Here

रजिस्टर कीजिए