Font by Mehr Nastaliq Web

रोना पर कविताएँ

रात

शुन्तारो तानीकावा

काले लिबास में विधवा

अन्ना अख्मातोवा

गिटार

फेदेरीको गार्सिया लोर्का

समर्पण

यानिस रित्सोस

चिर वियोग

वैस्ना कृम्पोतिच

प्रथम भाषा

मनीषा जोषी

रुदन का क़सीदा

फेदेरीको गार्सिया लोर्का

ओहि स्त्रीक कानब

कृष्णमोहन झा

क्या करूँगा, रघुवीर जी

नंदकिशोर आचार्य

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए