इकाई—1 भारतीय काव्यशास्त्र की परंपरा
संस्कृत के काव्यशास्त्रीय उपलब्ध ग्रंथों के आधार पर भरतमुनि को काव्यशास्त्र का प्रथम आचार्य माना जाता है। समय लगभग 400 ईसापूर्व से 100 ईसापूर्व के मध्य समय माना जाता है। इस परंपरा के अंतिम आचार्य पंडितराज जगन्नाथ है इनका समय 17 वीं शती है। इस प्रकार
हिन्दवी डेस्क
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere