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प्रतिरोध पर गीत

आधुनिक कविता ने प्रतिरोध

को बुनियादी कर्तव्य की तरह बरता है। यह प्रतिरोध उस प्रत्येक प्रवृत्ति और स्थिति के विरुद्ध मुखर रहा है, जो मानव-जीवन और गरिमा की आदर्श स्थितियों और मूल्यों पर आघात करती हो। यहाँ प्रस्तुत है—प्रतिरोध विषयक कविताओं का एक व्यापक और विशिष्ट चयन।

आह्वान

अशफाक़उल्ला खाँ

मुश्किल हुआ निबाह

विभूति तिवारी

वेणुवन में बाँसुरी की तान

ज्ञान प्रकाश आकुल

जनता के पलटनि

गोरख पांडेय

ऊ आ हम

तैयब हुसैन पीड़ित

पहाड़ हमर बाटपर

मार्कण्डेय प्रवासी

पाँच बरिस पर मोहर लगाके

तैयब हुसैन पीड़ित

चल रहा है आदमी

गोपाल सिंह नेपाली

जव वोट मांगे अइले

गोरख पांडेय

जनता के पलटनि

गोरख पांडेय

जे माटी के चाहे

गोरख पांडेय

गुहार

गोरख पांडेय

अब नाहीं

गोरख पांडेय

नेह के पांती

गोरख पांडेय

जमीन

गोरख पांडेय

जागरण

गोरख पांडेय

गति और गंतव्य

नरेंद्र शर्मा

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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