Font by Mehr Nastaliq Web

बोध पर कविताएँ

समझ

यानिस रित्सोस

मर जाता है जब आदमी

अन्ना अख्मातोवा

अपने पिता के लिए

ब्लागा दिमित्रोवा

ग़लीचा

जुज़ेपे उंगारेत्ती

अच्छाई अच्छी है

एरिष फ्रीड

उतनी ही जगह में

सी. पी. कवाफ़ी

मित्रता सूत्र

मिं: तु वुं

जीवन

हुआन रामोन हिमेनेज़

एक समझदारी की ओर

ज्याँ आर्थर रम्बो

कवि से

अलेक्सांद्र पूश्किन

सलाख़ें

केकी एन. दारूवाला

आधार

लियोपोल्द स्ताफ़

अपुष्ट

यानिस रित्सोस

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए