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निर्गुण पर गीत

दुनियाँ चलती फिरती

रामजियावान दास ‘बावला’

दुनियाँ में चार दिन क जिनिगी के खेल

रामजियावान दास ‘बावला’

मीले ना सँवरिया हमार

भोलानाथ गहमरी

आहि रे बालम चीरई

भोलानाथ गहमरी

माया मोह में भुलइली

रामजियावान दास ‘बावला’

दरद चुभन के

भोलानाथ गहमरी

सांस-सांस बाँसुरी

भोलानाथ गहमरी

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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