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खेत पर गीत

चलऽ चलीं खेतवा में धनियां

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

लहरेला खेतवा में धनवां

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

शहरिया में मनवां ना लागे

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

हम रोपी छप-छप-छप धान

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

हरसे किसनवां

रामबहादुर ‘अधीर पिण्डवी’

कृषक गीत

चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’

झलकेले मोतिया

भोलानाथ गहमरी

के देई गुड़ रोटी

भोलानाथ गहमरी

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere