पहले अपने तथ्य प्राप्त करें, और फिर आप उन्हें जितना चाहें उतना तोड़-मरोड़ सकते हैं।
इतिहास की दुनिया में आदर्श नाम की कोई चीज नहीं होती, वहाँ केवल तथ्य होते हैं; सत्य नाम की कोई चीज नहीं होती, वहाँ केवल तथ्य होते हैं।
जो वाणी तथ्य को अपनी जानकारी के अनुसार कर्त्तव्य आ पड़ने पर, ठीक-ठीक सामने रखती है और उसमें कुछ कमी-बेशी करने का यत्न नहीं करती कि जिससे अन्यथा अभिप्राय भासित हो—वह सत्य वाणी है।
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इतिहास का कलात्मक प्रस्तुतीकरण इतिहास के यथातथ्य लेखन की अपेक्षा अधिक वैज्ञानिक और गंभीर प्रयास है क्योंकि साहित्य की कला वस्तुओं के हृदय तक पहुँचती है। जब कि तथ्यपरक वृत्तांत केवल विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है।
अग्नि की महिमा इसी में मानी जाती है कि वह समुद्र में भी वैसे ही प्रज्वलित हो जैसे सूखी घास में।
'कर्म क्या है और अकर्म क्या है', इस विषय में बुद्धिमान भी मोहित होते हैं।
वास्तव में जीवन सौंदर्य की आत्मा है; पर वह सामंजस्य की रेखाओं में जितनी मूर्तिमत्ता पाता है, उतनी विषमता में नहीं।
मैं बातें बड़ी सुंदर-सुंदर करता हूँ लेकिन मेरा आचार तथ्यरहित है।
कलाकार तथ्यों का उपयोग कल्पना के लिए उद्दीपकों के रूप में करते हैं और वैज्ञानिक, कल्पना का उपयोग तथ्यों को समन्वित करने के लिए करते हैं।
निस्संदेह संसार लाखों प्रकार से बिल्कुल ठीक है, परंतु तुम्हें इस तथ्य का निश्चय हो जाने के लिए कुछ ठोकरें लगनी आवश्यक हैं।
मार्क्सवाद यदि एक विज्ञान है (जैसा कि वह है), तो वैसी स्थिति में उसके लिए तथ्यानुशीलन—जीवनगत और काव्यगत, दोनों एक साथ—प्राथमिक और प्रधान महत्त्व रखता है।
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इस तथ्य के कारण कि वह गूँगा था; वे उसे वे सभी गुण देने में सक्षम थे, जो वे चाहते थे कि उसमें हों।
वस्तुतः जब तीच उत्तम शिक्षक अर्थात् एक माता, दूसरा पिता और तीसरा आचार्य होवे तभी मनुष्य ज्ञानवान् होता है।
झगड़े में पड़ने से बचो परंतु यदि उसमें पड़ ही जाओ तो ऐसा करो कि विपक्षी तुमसे भयभीत हो जाए।
अधिकांश झगड़े ग़लतफ़हमी का बढ़ावा मात्र होते हैं।
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere