दशहरा पर बेला
दशहरा या विजयादशमी आश्विन
शुक्ल दशमी को हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पर्व है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। इस चयन में दशहरा या विजयादशमी शीर्षक या कुंजी शब्द को आधार बनाती कविताओं का संकलन किया गया है।
C/O बंगाल : विजय का उत्सव, पराजय की स्मृति
कुछ ही देर में नीलकंठ पक्षी नीले पंख फैलाकर उड़ जाएगा। वह कैलाश में महादेव के पास जाएगा और संदेश पहुँचा देगा, “देवी दुर्गा लौट रही हैं।” ढाक की थाप तीव्र हो उठी है। हवा में सिंदूर उड़ रहा है। कहीं
रामलीला तेरी याद में नैन हुए बेचैन
नब्बे के दशक के उतरते साल थे। न केबल टीवी गाँव पहुँचा था, न फ़ोन। बिजली पहुँच तो गई थी, पर अक्सर ग़ायब ही रहती थी। न उसके आने का कोई नियम था, न जाने का। लोग भी बिजली पर पूरी तरह आश्रित नहीं थे और न ह
रामनगर की रामलीला
मुझे आज भी वह दिन याद है, जब मैंने पहली बार रामनगर, वाराणसी की रामलीला देखी थी। हम सब भाई-बहन ऑटो में बैठकर पापा के साथ रामलीला देखने गए थे। पीछे मुड़कर देखो सब कुछ सपने जैसा लगता है। बनारस में वैसे ह