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समकालीन पर कविताएँ

वर्तमान दौर के लिए भी

प्रासंगिक रहे और आधुनिक इतिहास के नियत परिप्रेक्ष्य से संबंधित रचनाओं से एक चयन।

वे

अनस ख़ान

क्या करें

बेबी शॉ

तुम

व्लादिमीर मायाकोव्स्की

कलयुग

आशीष त्रिपाठी

समकाल में दमच

सत्यव्रत रजक

घोंघे

रमाशंकर सिंह

टरुआ

चंद्रेश्वर

समकालीनता

कमल जीत चौधरी

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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