सर जॉन डेनहम के उद्धरण
महत्त्वाकांक्षा प्रेम की तरह होती है—विलंबों और प्रतिद्वंद्वियों दोनों के प्रति अधीर।
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1615 - 1669 | डबलिन
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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