تمام تمام
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जिस प्रकार एक बालक अपनी प्रसन्नता को सहज रूप से व्यक्त करता है, उसी प्रकार आदिम मनुष्य भी अपने परिवेश से प्रभावित होकर; अपनी भावनाओं को भाषा, हाव-भाव, चित्रकला अथवा मूर्तिकला के माध्यम से अभिव्यक्त करता है और अंततः वह स्वयं उन सबके संयुक्त प्रभाव तथा उनसे जुड़ी अपनी आशंकाओं का प्रतिरूप बन जाता है।
कहानी और कविता के बीच एक महत्त्वपूर्ण भेद यह है कि कहानी प्रायः घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण भर होती है, जहाँ समय, स्थान, परिस्थितियाँ और कार्य-कारण संबंध ही मुख्य सूत्र बने रहते हैं। इसके विपरीत, कविता मानवीय प्रकृति के शाश्वत स्वभाव के अनुरूप ऐसी घटनाओं की सृष्टि करती है, जैसी वे सृजनकर्ता की चेतना में विद्यमान होती हैं और जो समग्र मानव-मन का प्रतिबिंब बन जाती हैं।